नारायण की तपोभूमि जहाँ अलकनंदा के तट पर खुलते हैं मोक्ष के द्वार: बद्रीनाथ
बद्रीनाथ धाम उत्तराखंड के चमोली ज़िले में अलकनंदा नदी के तट पर स्थित भगवान विष्णु का अत्यंत प्रिय मंदिर है। यह चारधाम यात्रा का मुख्य केंद्र और वैष्णव भक्तों का सबसे महत्वपूर्ण आस्था स्थल माना जाता है। बद्रीनाथ नाम की पौराणिक कथा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु यहाँ तपस्या में लीन थे। तपस्या करते…
जहाँ बारिश ख़ुद करती है शिवलिंग का अभिषेक – जललोक से शिवधाम तक नरेश्वर मंदिर समूह का इतिहास।
नरेश्वर मंदिर मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर से लगभग 35-40 किलोमीटर दूर स्थित यह मंदिर प्राचीन भारत की अद्भुत आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का एक अनूठा उदाहरण है। इतिहासकारों के अनुसार इनका निर्माण लगभग 8वीं से 10वीं शताब्दी के मध्य में हुआ। उस समय यह क्षेत्र शिव उपासना और योग साधना का एक प्रमुख केंद्र था।…
ज़ब पांडव पहुचें हिमालय की चोटी पर- हाटू पीक की पौराणिक कथा
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के पास हाटू पीक लगभग 11,000 फीट की ऊँचाई पर स्थित है। हाटू माता हिमाचल की स्थानीय लोकदेवी हैं। इन्हें सामान्यतः माँ काली या भीमकाली का रूप माना जाता है। राजधानी शिमला से क़रीब 61 किलोमीटर दूर स्थित है नारकंडा अपनी ख़ूबसूरत वादियों के लिए विख्यात है। यहाँ से केवल…
बदलों की गोद में माँ का दरबार – काली दा टिब्बा की रहस्यमयी पुकार।
हिमाचल प्रदेश के चैल के पास स्थित एक अत्यंत सुंदर और आध्यात्मिक स्थल है, जहाँ काली माता का प्राचीन मंदिर ऊँची पहाड़ी पर बना हुआ है। यहाँ पहुँचते ही मन अपने आप शांत हो जाता है। कहते हैं, कुछ स्थान ऐसे होते हैं जहाँ जाने का निर्णय हम लेते हैं, लेकिन बुलावा ऊपर से ही…
जब आदियोगी ने खोला योग का रहस्य: जानिए कौन थे उनके प्रथम शिष्य और योग के प्रथम प्रचारक, सप्त ऋषियों की अद्भुत यात्रा।
आदियोगी शिव और सप्त ऋषि का संबंध सनातन धर्म की योग-परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह संबंध योग के आदि सत्रोत और उसके प्रथम प्रसार से जुड़ा हुआ है। आदियोगी शिव कोन हैं? सनातन परंपरा के अनुसार भगवान शिव को आदियोगी कहा जाता है, अर्थात् योग के प्रथम गुरु। योग की संपूर्ण परंपरा-आसन,…
जिस देवी के नाम पर बसा है पूरा शहर, हर वर्ष नगर भ्रमण करती है- माँ शूलिनी की अद्भुत कथा।
शूलिनी माता मंदिर हिमाचल प्रदेश के सोलन शहर का सबसे प्रमुख और धार्मिक स्थल है। यह मंदिर माँ शूलिनी को समर्पित है, और माना जाता है कि सोलन शहर का नाम भी माता शूलिनी के नाम पर ही पड़ा है। शूलिनी माता का महत्व माता शूलिनी को शूल धारण करने वाली (शूलधारिणी) कहा जाता है,…
जब “द बीटल्स” पहुँचे भारत: जाने कैसे महर्षि महेश योगी ने पश्चिम को ध्यान सिखाया।
महर्षि महेश योगी 20वीं सदी के एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु थे, जिन्होंने पूरे विश्व में ट्रांससेंडेंटल मेडिटेशन का प्रचार- प्रसार किया। उन्होंने भारतीय ध्यान परंपरा को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करके लाखों लोगों को ध्यान की और प्रेरित किया। प्रारंभिक जीवन महर्षि महेश योगी का जन्म 12 जनवरी 1918 को मध्य प्रदेश के…
दशमहाविद्या की सबसे रहस्यमयी देवी: शत्रु विनाश और वाणी सिद्धि प्रदान करने वाली माँ बगलामुखी।
माता बगलामुखी हिंदू धर्म की दशमहाविद्याओं में से एक अत्यंत शक्तिशाली देवी मानी जाती हैं। उन्हें विशेष रूप से शत्रुओं का नाश करने वाली, वाणी पर नियंत्रण देने वाली और न्याय पर विजय दिलाने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। माँ की साधना तंत्र और शक्ति उपासना में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखती है।…
वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में दर्ज है सोलन में दुनिया का इकलौता रामलोक मंदिर: जानिए हिमाचल के “मिनी अयोध्या” के बारे में।
हिमाचल प्रदेश के शांत और सुरम्य वादियों के बीच स्थित राम लोक मंदिर आस्था, आध्यात्मिकता और अद्भुत सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक है। यहाँ पहुँचते ही ऐसा अनुभव होता है जैसे धरती से सीधा रामलोक की दिव्य अनुभूति हो रही हो। रामलोक मंदिर में दुनिया की सबसे बड़ी अष्टधातु की मूर्तियाँ स्थापित होने के कारण रामलोक…
पाश्चिम एशिया युद्ध से वैश्विक तेल संकट गहराया, लेकिन भारत सुरक्षित- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में दिया आश्वासन।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संसद और देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बाबजूद भारत में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर घबराने की ज़रूरत नहीं है। सरकार ने पर्याप्त भंडारण और वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह युद्ध…
